peer-e-kamil part 2 फिलोमेना फ्रांसिस ने अपने हाथ में पैकेट टेबल पर रखा और हॉल के चारों ओर देखा,…
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“ज़िंदगी में मेरी सबसे बड़ी इच्छा…?”बॉलपॉइंट को होंठों से दबाते हुए वह कुछ पल के लिए गहरी सोच में डूब…
तकमील आरज़ू …….. जिस वक़्त इल्यास ने झंडा लहराया ठीक उसी वक़्त कई ख़ुशी मुसलमानो ने…
काबुल की फतह …. मौसम सरमा आहिस्ता आहिस्ता ख़त्म होने लगा। सर्दी भी बूढी हो गयी। नरम गर्म दिन होने…
शरारत……. इस दूसरे लोगो से भी काबुल वालो ही को हार हुई। उनके सिपाहियों की भारी तादाद मैदान…
दूसरा हमला …… कई रोज़ में जाकर इल्यास इस क़ाबिल हुए कि उनकी ज़िन्दगी की उम्मीद हो चली। इस अरसा…
सेहर हुस्न …… इल्यास के काफी गहरा ज़ख्म आया था। लेकिन वह बेहोश नहीं हुए थे अलबत्ता तकलीफ इतनी…
जंग का आगाज़ …… जिस रोज़ राजा को चरवाहे से राजकुमारी का हाल मालूम हुआ उसके दूसरे रोज़ इस्लामी…
तलाश ….. …
मिलाप…… …
