सेहर हुस्न …… इल्यास के काफी गहरा ज़ख्म आया था। लेकिन वह बेहोश नहीं हुए थे अलबत्ता तकलीफ इतनी…
जंग का आगाज़ …… जिस रोज़ राजा को चरवाहे से राजकुमारी का हाल मालूम हुआ उसके दूसरे रोज़ इस्लामी…
तलाश ….. …
मिलाप…… …
बदहवासी……. काबुल का क़िला से बाहर जो गार था। इस पर मेला लगता था। यह मेला इस ज़माने से…
जाबुल पर क़ब्ज़ा …… …
मुलाक़ात। ….. …
बसत पर ग़लबा …. …
राफे की रवानगी….. …
बाक़िया हैरतनाक हाल ….. असर की नमाज़ के बाद इल्यास और राफे दोनों फिर एक जगह जमा हुए अम्मी…
