राफे की दास्तान …. इल्यास ज़ुहर की नमाज़ पढ़ कर कैंप में वापस आये। उनकी अम्मी और…
बोद्ध ज़ोर का हश्र …. जब मुसलमानो का दादर पर क़ब्ज़ा पूरी तरह से हो गया तो सुबह सादिक़…
दादर की फतह….. हम्माद राफे जैसे वह पेशवा समझ रहे थे और इल्यास के कहने से…
इंकेशाफ राज़ ( राज़ का ज़ाहिर होना ) मुस्लमान असर के टाइम लौट कर अपने कैंप पर पहुंच गए।…
पुरजोश हमला …… जब वह दरबार से निकल कर थोड़ी दूर चले उन्होंने पेशवा की सवारी आती…
सुलह का पैग़ाम ….. दादर वालो को यह मालूम हो गया था की इस मुल्क पर मुसलमानो ने…
बिमला आगोश इस्लाम में …… यह दोनों ईशा के टाइम लश्कर में पहुंचे उस वक़्त अज़ान हो रही…
ग़मज़दा नाज़नीन। इल्यास की माँ को जब यह मालूम हुआ की अरब औरते वही रहेंगी तो उन्हें बड़ी फ़िक्र…
बाक़िया दास्तान इलियास वहा से सीधे अपनी माँ के पास पहुंचे उन्होंने उनसे वह तमाम हालात बयान कर…
आप बीती दूसरे रोज़ अब्दुल्लाह ने इल्यास के पास आकर कहा “चलिए वह औरत आपका इंतज़ार कर रही है “…
