ईमान की पुख़्तगी…….. दूसरे रोज़ हुक्मरां और अब्दुल्लाह के साथ पचास सवारों के…
वादी अरजनज आगोश इस्लाम में….. शहर अरजनज के फतह होने का कश तक इलाक़ा पर…
मसालेहत ………. मुसलमानो ने वापस आते हुए सबसे पहले शहीदों को एक जगह जमा किया। जनाज़ा की नमाज़ पढ़ी…
शिकस्त …. …
खून रेज़ जंग …… …
सुलह से इंकार …… इस्लामी लश्कर कोच व क़याम करता ईरान को तय…
लश्कर इस्लाम का कोच अब्दुल्ला बिन आमिर ने सलेही को अमीर उल मूमिनीन की खिदमत में रवाना …
राज़ की कुंजी ,,,,,,,,, जासूसों का यह काफला तेज़ क़दमी से वापस लौटा। उन्होंने कश और ज़रनज…
काबुल का राजा……. …
इल्यास की हैरत…….. …
